पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिकी विशेषज्ञ रॉबर्ट पेप ने कहा है कि ईरान अब दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शामिल हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि तेल और युद्ध के कारण ईरान की ताकत तेजी से बढ़ रही है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा, खासकर भारत जैसे देशों पर।
उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष तीन चरणों में आगे बढ़ रहा है। पहला चरण अमेरिका की कार्रवाई, दूसरा ईरान की प्रतिक्रिया और तीसरा जमीन पर युद्ध की ओर बढ़ना है। फिलहाल दुनिया पहले और दूसरे चरण के बीच खड़ी है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल का बड़ा नियंत्रण है, जिससे उसकी ताकत और बढ़ गई है।
क्या ईरान सच में तेल महाशक्ति बन चुका है?
रॉबर्ट पेप ने कहा कि ईरान अब दुनिया के तेल बाजार में बड़ा खिलाड़ी बन गया है। उनके मुताबिक, ईरान के पास दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल पर असर डालने की ताकत है। उन्होंने कहा कि चार दशक की कूटनीति से जो नहीं हुआ, वह कुछ हफ्तों के युद्ध में हो गया। अब ईरान तेल और परमाणु क्षमता के कारण और मजबूत हो रहा है।
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क्या भारत पर पड़ेगा इसका असर?
उन्होंने कहा कि भारत जैसे देशों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। जैसे-जैसे तेल महंगा होगा, वैसे-वैसे खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि सिर्फ महंगाई ही नहीं, बल्कि ईंधन की कमी भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमीर देश तो महंगा तेल खरीद लेंगे, लेकिन गरीब और विकासशील देशों को सप्लाई की कमी का सामना करना पड़ेगा।
क्या भारत ईरान के करीब जा रहा है?
पेप ने दावा किया कि भारत धीरे-धीरे ईरान के करीब जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने ऊर्जा हितों को सुरक्षित रखने के लिए तेहरान से संपर्क बढ़ा रहा है। हालांकि भारत खुलकर यह नहीं कह रहा, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक तरह की रणनीति है। उन्होंने इसे बैंडवैगनिंग बताया।
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क्या दुनिया में तेल संकट बढ़ेगा?
उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में तेल की सप्लाई 20 प्रतिशत तक कम होती है, तो इसकी भरपाई करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि 100 मिलियन बैरल की जगह अगर 80 मिलियन बैरल ही उपलब्ध होंगे, तो बाकी की कमी पूरी नहीं हो सकती। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब देशों पर पड़ेगा।
क्या ट्रंप के लिए भी खतरा है?
पेप ने आगे कहा कि यह युद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लिए भी राजनीतिक खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि अगर युद्ध लंबा चलता है, तो अमेरिका में राजनीतिक दबाव बढ़ेगा और ट्रंप को इसका नुकसान हो सकता है। यहां तक कि उनकी सत्ता भी खतरे में आ सकती है।
क्या तीसरे चरण का युद्ध होगा?
उन्होंने कहा कि तीसरा चरण यानी जमीन पर युद्ध सबसे खतरनाक होगा। उन्होंने कहा कि ईरान खुद इस चरण में जाना नहीं चाहता, लेकिन हालात उसे उस ओर धकेल रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो संघर्ष और बढ़ेगा और वैश्विक संकट गहरा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि असली असर अभी बाकी है। अभी लोग सिर्फ कीमतों में बढ़ोतरी देख रहे हैं, लेकिन आने वाले महीनों में असली संकट दिखेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि मानवीय संकट भी बन सकता है, जिसमें ईंधन और खाने की कमी सबसे बड़ी समस्या होगी।
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