वैश्विक तकनीक और भू-राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच, एनवीडिया के चेयरमैन और सीईओ जेनसन हुआंग ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के मंच पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि बिजली और परिवहन नेटवर्क की तरह किसी भी देश के विकास के लिए एक अनिवार्य ‘बुनियादी ढांचा’ (इंफ्रास्ट्रक्चर) बन गया है।
सॉवरेन डेटा और ‘नेशनल इंटेलिजेंस’ की सुरक्षा
ब्लैकरॉक के सीईओ लॉरेंस फिंक के साथ एक सत्र में बोलते हुए, हुआंग ने ‘सॉवरेन एआई’ (संप्रभु एआई) की वकालत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर देश को अपने डेटा की सुरक्षा और उसका लाभ उठाने के लिए एआई को अपने कोर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़ना चाहिए।
हुआंग ने वैश्विक नेताओं से अपील करते हुए कहा, “मैं वास्तव में मानता हूं कि हर देश को एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दौड़ में शामिल होना चाहिए… अपनी भाषा और संस्कृति, जो आपके मौलिक प्राकृतिक संसाधन हैं, का लाभ उठाएं और अपनी ‘नेशनल इंटेलिजेंस’ (राष्ट्रीय बुद्धिमत्ता) को अपने इकोसिस्टम का हिस्सा बनाएं”।
आयात से आगे बढ़ने की जरूरत
एनवीडिया प्रमुख ने कहा कि अब समय आ गया है कि दुनिया तकनीक का केवल आयात करने की स्थिति से अब आगे बढ़े। उन्होंने बताया कि ओपन मॉडल्स की उपलब्धता और मॉडल ट्रेनिंग की आसान प्रक्रिया ने अब यह संभव कर दिया है कि देश अपनी स्थानीय विशेषज्ञता का उपयोग कर अपने लिए जरूरी खास टूल्स बना सकें।
हुआंग ने कहा, “दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है, जिसके बारे में मैं कल्पना कर सकूं कि उसे अपने बुनियादी ढांचे के हिस्से के रूप में एआई की जरूरत नहीं है। जैसे हर देश के पास अपनी बिजली और सड़कें हैं, वैसे ही एआई भी आपके बुनियादी ढांचे का हिस्सा होना चाहिए”।
एनवीडिया के प्रमुख हुआंग ने दुनिया में एआई को अपनाने की तेज गति पर बोलते हुए इसे ‘इतिहास का सबसे आसान सॉफ्टवेयर’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली तकनीक है और इसे इस्तेमाल करने वालों की संख्या महज कुछ ही वर्षों में लगभग एक अरब तक पहुंच गई है।
एंथ्रोपिक के ‘क्लाउड’ की तारीफ
एआई उद्योग के बारे में बोलते हुए हुआंग ने एंथ्रोपिक की ओर से विकसित एआई मॉडल ‘क्लाउड’ की प्रगति को इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी छलांग बताया। उन्होंने खुलासा किया कि एनवीडिया कोडिंग और रीजनिंग कार्यों के लिए अपनी कंपनी के भीतर इन टूल्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करता है।
एआई पर जेन्सन की टिप्पणी से साफ है कि यह विषय अब केवल कॉरपोरेट बोर्डरूम का विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय नीति और संप्रभुता का केंद्र बन चुका है। जो देश अपनी एआई क्षमताओं को विकसित करेंगे, वे ही अपनी संस्कृति और डेटा आधारित अर्थव्यवस्था को भविष्य में सुरक्षित रख पाएंगे।