भागीरथपुरा मामले में अफसरों पर गाज:सिसोनिया और श्रीवास्तव निलंबित, सीएम ने आयुक्त को हटाने के निर्देश दिए – Mp News: Ias Rohit Sisonia Transferred To Bhopal, Three Ias Officers Given The Responsibility Of Additional Co


इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक्शन में आ गए हैं। इंदौर नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव के बाद उन्होंने अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया है। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने लिखा कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने लिखा कि इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। वहीं, आयुक्त नगर निगम दिलीप यादव को हटाने के निर्देश दिए हैं। बता दें सिसोनिया को इंदौर से भोपाल ट्रांसफर कर मंत्रालय में उप सचिव बनाया गया था। 

 

बता दें इससे पहले इंदौर नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने नगर निगम में एक बार फिर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए तीन IAS अधिकारियों को अपर आयुक्त पद पर नियुक्त किया है।  सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश में दो डायरेक्टर आईएएस और एक प्रमोटी आईएएस को नगर निगम इंदौर में पदस्थ किया है। इसमें 2019 बैच के आईएएस और खरगोन में सीईओ आकाश सिंह को इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है। साथ ही 2020 के आईएएस और आलीराजपुर में सीईओ प्रखर सिंह और 2020 बैंच के ही आईएएस और इंदौर में उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक को इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त् बनाया गया है। वहीं, 2017 बैंच के आईएएस इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को हटा कर मध्य प्रदेश शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग का उप सचिव बनाया गया ।

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भागीरथपुरा में हुई घटना में 15 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों की समीक्षा की थी। इसके बाद शासन स्तर पर निर्णय लेते हुए नगर निगम की प्रशासनिक टीम में बदलाव किए गए। नगर निगम में एक साथ तीन IAS अधिकारियों की नियुक्ति को सरकार की ओर से प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही बढ़ाने का संकेत माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई टीम के माध्यम से निगम के कामकाज, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

 

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