मुंबई नगर निगम में मेयर पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मेयर पद के लिए नामांकन आज दाखिल किए जाएंगे और मतदान 11 फरवरी को होगा। हाल ही में हुए बीएमसी चुनाव के नतीजों के आधार पर भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना गठबंधन बढ़त में दिखाई दे रहा है। अभी तक किसी भी दल ने अपने उम्मीदवार के नाम का आधिकारिक एलान नहीं किया है।
क्या है चुनाव का गणित?
227 सदस्यीय बृहन्मुंबई महानगर पालिका के चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा को 89 सीटें मिली हैं। उसके सहयोगी एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। दोनों को मिलाकर कुल 118 सीटें बनती हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से ज्यादा है। इस वजह से गठबंधन मेयर पद जीतने की मजबूत स्थिति में माना जा रहा है।
विपक्षी दलों की स्थिति
- उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को 65 सीटें मिलीं।
- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को छह सीटें मिलीं।
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट को एक सीट मिली।
- कांग्रेस को 24 सीटें मिलीं।
- एआईएमआईएम को आठ सीटें मिलीं।
- एनसीपी अजित पवार गुट को तीन सीटें मिलीं।
- समाजवादी पार्टी को दो सीटें मिलीं।
- दो निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव जीतकर आए।
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मेयर पद महिला के लिए आरक्षित
राज्य के शहरी विकास विभाग द्वारा पिछले महीने निकाली गई लॉटरी के आधार पर इस बार मुंबई का मेयर पद सामान्य वर्ग की महिला पार्षद के लिए आरक्षित किया गया है। इसका मतलब है कि सभी दलों को महिला उम्मीदवार ही मैदान में उतारनी होगी। इससे उम्मीदवार चयन को लेकर दलों के भीतर मंथन तेज हो गया है।
भाजपा की तैयारी और शक्ति प्रदर्शन
भाजपा ने चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के एक नवनिर्वाचित पार्षद ने बताया कि सभी पार्षदों को शनिवार सुबह 10 बजे दक्षिण मुंबई स्थित बीएमसी मुख्यालय पहुंचने को कहा गया है। उन्हें भगवा रंग के कपड़े पहनकर आने का निर्देश दिया गया है। शुक्रवार को भाजपा ने बीएमसी मुख्यालय में मिले अपने नए कार्यालय में पूजा भी की, जिसमें कई नवनिर्वाचित पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नौ साल बाद बना नया बोर्ड
बीएमसी में यह चुनाव नौ साल बाद हुआ है। पिछला कार्यकाल खत्म होने के बाद 7 मार्च 2022 से बीएमसी आयुक्त राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक के रूप में काम देख रहे थे। बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निकाय मानी जाती है। वर्ष 2025-26 के लिए इसका बजट 74,450 करोड़ रुपये तय किया गया है, जो कई छोटे राज्यों के बजट से भी ज्यादा है। ऐसे में मेयर चुनाव को काफी अहम माना जा रहा है।
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