केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी वर्तमान में एक बड़े वेतन संशोधन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों और कर्मचारी संगठनों के बीच इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं,। 10 साल के पारंपरिक अंतराल के आधार पर कर्मचारी एक नई वेतन संरचना की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि के अभाव में अभी भी संशय बना हुआ है।
पाठकों के मन में उठ रहे प्रमुख सवालों के जवाब यहां दिए गए हैं-
सवाल: आठवें वेतन आयोग को लेकर वर्तमान में भ्रम की स्थिति क्यों बनी हुई है?
जवाब: आमतौर पर सरकार हर 10 साल में एक नए वेतन आयोग का गठन करती है। पिछला यानी 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुआ था। इस परंपरा के आधार पर सरकारी कर्मचारियों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू हो जाना चाहिए। हालांकि, अब तक सरकार ने इस संबंध में कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की है, इससे यह वर्तमान में केवल अटकलों का विषय बना हुआ है।
सवाल: नए वेतन आयोग के गठन और कार्यान्वयन में देरी क्यों हो रही है?
जवाब: वेतन आयोग की प्रक्रिया काफी जटिल और लंबी होती है। सरकार को सबसे पहले एक आयोग का गठन करना होता है जो वेतन, भत्तों और पेंशन का गहन अध्ययन करता है। इसके बाद आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपता है, इसकी समीक्षा और अनुमोदन में समय लगता है। चूंकि यह पूरी प्रक्रिया मैन्युअल तरीके से संचालित होती है, इसलिए सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होते ही वेतन अपने आप नहीं बढ़ता। रिपोर्टों के अनुसार, इसका कार्यान्वयन इस वर्ष के मध्य या 2027 की शुरुआत तक खिंच सकता है।
सवाल: क्या कार्यान्वयन में देरी से कर्मचारियों को वित्तीय नुकसान होगा?
जवाब: नहीं, इतिहास को देखें तो वेतन आयोग के कार्यान्वयन में देरी होने पर भी कर्मचारियों को वित्तीय नुकसान नहीं होता है। भले ही घोषणा में समय लगे, लेकिन वेतन वृद्धि की ‘कट-ऑफ’ तारीख आमतौर पर निर्धारित तिथि (जैसे 1 जनवरी 2026) से ही मानी जाती है। ऐसे में कर्मचारियों को देरी की अवधि का पूरा पैसा ‘एरियर’ के रूप में मिलता है।
सवाल: एरियर की गणना किस प्रकार की जाएगी?
जवाब: एरियर की गणना संशोधित वेतन और पुराने वेतन के अंतर के आधार पर की जाती है। इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है: यदि किसी कर्मचारी का वेतन 50,000 रुपये से बढ़कर 55,000 रुपये हो जाता है, तो मासिक एरियर 5,000 रुपये होगा। यदि आयोग मई 2027 में लागू होता है, तो जनवरी 2026 से अप्रैल 2027 तक के 15 महीनों का एरियर (5,000 x 15) कुल 75,000 रुपये बनेगा, जिसका भुगतान एकमुश्त किया जाएगा।
सवाल: सरकार का वर्तमान रुख क्या है?
जवाब: अब तक केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में कोई बदलाव नहीं हुआ है और न ही 8वें वेतन आयोग पर कोई आधिकारिक बयान आया है। कर्मचारी और पेंशनभोगी अभी भी औपचारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनकी भविष्य की वित्तीय योजनाएं स्पष्ट हो सकें।
आठवें वेतन आयोग के बारे में जारी अनिश्चितता के बावजूद, एरियर का प्रावधान कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। हालांकि नए वेतन आयोग के कार्यान्वयन की समयसीमा 2027 तक जा सकती है, लेकिन गणना की प्रारंभिक तिथि 1 जनवरी 2026 ही रहने की उम्मीद है। इससे केंद्र सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वित्तीय हितों की रक्षा होगी।