हजरतबल दरगाह के शिलापट्ट पर उकेरे गए राष्ट्रीय चिह्न को तोड़ने के मामले में पुलिस ने सोमवार को और 30 लोगों से पूछताछ की। मामले में अब तक पुलिस आरोपियों को चिह्नित नहीं कर सकी है। कहा जा रहा है कि कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार और रविवार को मिलाकर करीब 100 लोगों से पूछताछ की गई थी। इन सबसे मिली जानकारी के बाद 30 और लोगों से पूछताछ की गई। अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में जिन लोगों के चेहरे सामने आए हैं। उनकी पहचान के लिए लोगों को बुलाया जा रहा है। हजरतबल में शिलापट्ट पर उकेरे गए राष्ट्रीय चिह्न को शुक्रवार को पत्थर से तोड़ने के मामले में शनिवार को निगीन पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें पुलिस ने राष्ट्रीय चिह्न के अपमान, शांति भंग करने, दंगा और आपराधिक साजिश रचने की धाराएं लगाई हैं।
महबूबा पहुंचीं दरख्शां पर एफआईआर दर्ज कराने
पीडीपी अध्यक्ष सोमवार को निगीन थाने में जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. दरख्शां अंद्राबी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने निगीन पुलिस स्टेशन पहुंचीं। सोशल मीडिया पर उन्होंने बताया कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया। पीडीपी अब हजरतबल पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराएगी। महबूबा के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए उनकी बेटी इल्तिजा ने लिखा कि एफआईआर दर्ज करने के जगह पुलिस ने 50 नागरिकों पर मामला दर्ज कर दिया है। यह गैर जिम्मेदाराना है।
सीएम ने फिर कहा- शिलपट्ट की क्या जरूरत थी
अवंतीपोरा एम्स के दौरे पर गए सीएम उमर अब्दुल्ला ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए फिर कहा कि हजरतबल में शिलापट्ट लगाने की क्या जरूरत थी। उन्होंने कहा, हमने पहले ही कहा है कि जिन्होंने इसे लगाया, उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
राष्ट्रीय सम्मान का मामला है, कानून अपना काम करेगा : डॉ. दरख्शां
डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने सोमवार शाम को अमर उजाला से कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान का मामला है। राष्ट्रीय चिह्न को तोड़ा गया है…। पुलिस ने मामला दर्ज किया है, जांच चल रही है। सांविधानिक दायरे में कानून अपना काम करेगा। मैं अधिकारियों से अपील करूंगी कि राष्ट्रीय चिह्न के अपमान के इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।