नेपाल में जेन-जी आंदोलन के तहत 8 और 9 सितंबर 2025 की घटनाओं की जांच कर रहे जांचबूझ आयोग ने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बयान के लिए बुलाने की तैयारी की है। आयोग उनके नाम औपचारिक पत्र जारी करने जा रहा है।
सिंहदरबार में प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से मुलाकात के बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय के बाहर पत्रकारों से बातचीत में जांचबूझ आयोग के अध्यक्ष गौरीबहादुर कार्की ने बताया कि जेन-जी आंदोलन से जुड़े मामलों में ओली को बयान के लिए बुलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। गौरीबहादुर कार्की ने कहा की हम ओली को बयान के लिए बुलाने की तैयारी में हैं। जब पत्रकारों ने पूछा कि यदि आयोग के बुलाने पर ओली उपस्थित नहीं होते तो क्या किया जाएगा, इस पर गौरी बहादुर कार्की ने कहा, अगर वह नहीं आए, तो उस समय की स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल हम उन्हें पत्र भेज रहे हैं।
पूर्व गृह मंत्री लेखक पहले ही दर्ज करा चुके हैं बयान
कार्की के अनुसार, पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। बयान पूरा होने के बाद आयोग लेखक पर लगाए गए स्थान प्रतिबंध को हटाने की तैयारी में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आयोग को दी गई विस्तारित समय-सीमा के भीतर ही अपनी रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। मालूम हो कि गौरी बहादुर कार्की नेपाल के पूर्व न्यायाधीश हैं।
मुख्य सचिव व कई अधिकारियों से हुई है पूछताछ
बहादुर की अध्यक्षता में गठित आयोग ने विवरण संकलन के बाद जेनजी आंदोलन के तहत फील्ड में तैनात सुरक्षा कर्मियों से बयान लेना शुरू किया था। इस क्रम में तत्कालीन नेपाल सरकार के मुख्य सचिव एकनारायण अर्याल, तत्कालीन गृह सचिव गोकर्णमणि दुवाडी, प्रधान सेनापति अशोकराज सिग्देल, नेपाल पुलिस के आईजीपी दानबहादुर कार्की, तत्कालीन आईजीपी चंद्रकुबेर, सशस्त्र प्रहरी बल के आईजीपी राजु अर्याल और राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग के तत्कालीन प्रमुख हुतराज के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।