भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर शुक्रवार को तमिलनाडु में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भारत की विदेश नीति और बांग्लादेश में जारी अराजकता और अस्थिरता को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि जो भी पड़ोसी देश हमारे लिए अच्छा होता है, हम वहां निवेश करते हैं और उनकी मदद करते हैं।
‘अच्छे पड़ोसियों के लिए आपका स्वभाव दयालुता का होता है’
जयशंकर ने कहा, ‘मैं दो दिन पहले ही बांग्लादेश में था, जहां मैं पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के जनाजे में भारत के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हुआ। हमें कई तरह के पड़ोसी मिले हैं। अगर आपके पड़ोसी अच्छे हैं तो आपका व्यवहार भी उनके प्रति दयालुता का होता है और आपकी कोशिश पड़ोसियों की मदद करने की होती है। एक देश के तौर पर भी हम ऐसा ही सोचते हैं।’
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, ‘जब हम अपने पड़ोसी देशों को देखते हैं, तो जो भी हमारे अच्छे पड़ोसी देश हैं, हम वहां निवेश करते हैं, उन देशों की मदद करते हैं। कोरोना के समय में भी हमारे पड़ोसियों को सबसे पहले वैक्सीन की मदद हमने ही की थी। श्रीलंका भी जब आर्थिक संकट से घिरा तो भारत ने ही उसकी मदद की और उसे चार अरब डॉलर की आर्थिक मदद दी। हमारे अधिकतर पड़ोसी देश ये मानते हैं कि भारत का विकास उनके लिए अच्छा है। अगर भारत विकास करेगा तो हमारे सभी पड़ोसी भी हमारे साथ आगे बढ़ेंगे। यही बात मैं बांग्लादेश के लिए कहना चाहता हूं।’ डॉ. जयशंकर ने कहा, ‘बांग्लादेश में चुनाव होने हैं। हम उन्हें चुनाव के लिए शुभकामनाएं देते हैं और हमें उम्मीद है कि जब सबकुछ शांत और स्थिर हो जाएगा तो फिर से क्षेत्र में अच्छे पड़ोसी वाली भावना स्थापित होगी।’
जयशंकर को बांग्लादेश में चुनाव बाद हालात सुधरने की उम्मीद
साल 2024 में बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार को छात्र आंदोलन के जरिए सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। उसके बाद से बांग्लादेश में अंतरिम सरकार में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, अराजकता का माहौल है। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। बांग्लादेश के भारत के साथ संबंध अच्छे रहे हैं, लेकिन अंतरिम सरकार में दोनों देशों के संबंधों में भी गिरावट आई है। बीते दिनों जब बांग्लादेश के छात्र उस्मान हादी की हत्या कर दी गई, तो वहां हिंसा भड़की, जिसमें भारत विरोधी प्रदर्शन हुए।