ओंकारेश्वर से करीब 12 किलोमीटर दूर खरगोन जिले के थाना सनावद क्षेत्र में तांत्रिक क्रियाओं के उद्देश्य से अपहृत 6 वर्षीय बालक को खरगोन पुलिस ने सकुशल रेस्क्यू कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूरी कार्रवाई 22 दिनों तक चले सघन सर्चिंग ऑपरेशन के बाद अंजाम दी गई।
अपहरण की वारदात कैसे हुई?
दिनांक 10 दिसंबर 2025 को थाना सनावद क्षेत्र के नवोदय विद्यालय रोड स्थित ग्राम खंगवाड़ा फाटे के पास एक 6 वर्षीय बालक अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे क्रिकेट बैट और गेंद दिलाने का लालच देकर मोटरसाइकिल पर बैठाया और अगवा कर लिया। सूचना मिलते ही थाना सनावद में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 531/25, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक खरगोन रविन्द्र वर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शकुन्तला रुहल स्वयं मौके पर पहुंचे। एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत के नेतृत्व में सनावद, बड़वाह, बेड़िया, मंडलेश्वर, बलकवाड़ा थानों के साथ जिला साइबर सेल, एफएसएल, फिंगरप्रिंट टीम, डॉग स्क्वाड और पुलिस कंट्रोल रूम को अलग-अलग टीमों में लगाया गया।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल
पुलिस ने घटनास्थल और संभावित मार्गों के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जंगल क्षेत्र, बैकवाटर और शैडो एरिया में लगातार सर्चिंग की गई। तकनीकी विश्लेषण के साथ हर संभावित पहलू की जांच की गई, जिससे अपहरणकर्ताओं की गतिविधियों का सुराग मिल सका।
तांत्रिक क्रिया से जुड़ा सनसनीखेज खुलासा
31 दिसंबर 2025 को अपहृत बालक के घर के बाहर उसकी नग्न तस्वीर, जिस पर नींबू की माला चढ़ी हुई थी, एक नींबू की माला और एक डायरी बरामद हुई। डायरी में कुछ नाम लिखे थे। जांच में सामने आया कि यह सामग्री पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से रखी गई थी और डायरी में दर्ज नामों का घटना से कोई संबंध नहीं था। इससे स्पष्ट हुआ कि अपहरण तंत्र क्रिया, काला जादू और धन वर्षा जैसी सिद्धियों के लिए किया गया था।
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पुनासा में दबिश और बालक की बरामदगी
तकनीकी सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि ग्राम अटूटखास निवासी शुभम उर्फ लव यादव तांत्रिक गतिविधियों में लिप्त है और पुनासा में किराए के कमरे में रहने वाले एक तथाकथित बाबा के संपर्क में है। पुलिस ने छद्म भेष में निगरानी की और रात्रि के समय बाबा को बालक के साथ आते देखा। पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया और बालक को सकुशल मुक्त करा लिया गया।
अपहरण के पीछे की वजह
जांच में सामने आया कि आरोपी सुरेन्द्र उर्फ पिंटू उर्फ अंकित स्वयं को तंत्र क्रियाओं में सिद्ध मानता था और धन वर्षा व गड़े धन को निकालने का दावा करता था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे शुभम उर्फ लव यादव को तंत्र क्रिया के लिए एक नाबालिग बालक की आवश्यकता बताई गई। इसी साजिश के तहत बालक का अपहरण कर उसे 22 दिनों तक पुनासा के किराए के कमरे में रखा गया।
पुलिस ने इस मामले में लव उर्फ शुभम यादव, अंकित उर्फ सुरेन्द्र उर्फ पिंटू बघेल, रामपाल नरवरे और धनसिंह बड़ोले को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।