Supreme Court:महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में आरोपी को जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलटा – Supreme Court Grants Bail To Accused In Mahant Narendra Giri Death Case


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम

Updated Wed, 14 Jan 2026 02:49 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। महंत नरेंद्र गिरि साल 2021 में अपने मठ में मृत पाए गए थे। 


Supreme court grants bail to accused in Mahant Narendra Giri death case

सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : ANI



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सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख रहे महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में एक आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। आरोपी आद्या प्रसाद तिवारी महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में मुख्य आरोपी है। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि अभी सुनवाई पूरी होने में समय लगेगा और आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। 

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साल 2021 में मठ में मृत पाए गए थे महंत नरेंद्र गिरि


  • भारत में साधुओं के सबसे बड़े संगठन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि, 20 सितंबर, 2021 को इलाहाबाद के बाघंबरी मठ में फांसी पर लटके मिले थे। सीबीआई ने नवंबर 2021 में दायर अपनी चार्जशीट में कहा था कि गिरि अपने अलग हो चुके शिष्य आनंद गिरि, पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी के चलते गंभीर मानसिक तनाव में थे कि उन्होंने समाज की नजरों में बदनामी और अपमान से बचने के लिए अपनी जान दे दी।

  • सोमवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने 14 अक्टूबर, 2025 के इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को पलटते हुए आद्या प्रसाद तिवारी को जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में आद्या प्रसाद तिवारी को जमानत देने से इनकार कर दिया था। पीठ ने कहा, ‘ट्रायल निकट भविष्य में पूरा होने की संभावना नहीं है। वैसे भी, अपीलकर्ता मुख्य आरोपी नहीं लगता है। इसे देखते हुए, हमारी राय है कि ट्रायल के दौरान अपीलकर्ता को और हिरासत में रखना जरूरी नहीं है।’

  • सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि अपीलकर्ता 22 सितंबर, 2021 से हिरासत में है, और ट्रायल के दौरान उसे और हिरासत में रखना जरूरी नहीं है। इस मामले में एफआईआर 21 सितंबर, 2021 को प्रयागराज जिले के जॉर्ज टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। तिवारी को शुरू में भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 18 नवंबर, 2021 को दायर की गई चार्जशीट में हत्या (धारा 302) और आपराधिक साजिश (धारा 120) के आरोप लगाए गए। 

  • सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने ट्रायल कोर्ट को यह आजादी दी कि अगर किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है तो वह ज़मानत रद्द कर सकती है। चार्जशीट में इलाहाबाद के बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आनंद गिरि, आध्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।

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