आज मकर संक्रांति है। हालांकि कुछ लोग आज इस त्योहार को मना रहे हैं कुछ लोग कल मनाएंगे। सियासी गलियारे में चूड़ा-दही पार्टी पर सबकी नजरें रहती है। इस बार मकर संक्रांति के अवसर पर चर्चा के केंद्र में हैं लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव। उन्होंने आज 26 एम स्ट्रैंड रोड स्थित अपने आवास पर महाभोज का आयोजन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने इस भोज में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी नेताओं को आमंत्रित किया। एक दिन पहले ही तेज प्रताप यादव राबड़ी आवास पर गए थे। उन्होंने अपने माता-पिता और भाई को भी आमंत्रित किया। जबकि इससे पहले वह राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, सीएम नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, विधानसभाध्यक्ष प्रेम कुमार, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी समेत अन्य नेताओं को आमंत्रित कर चुके हैं।
बुधवार को तेज प्रताप यादव के आवास पर उनके पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पहुंचे। उनके बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी पहुंचे। तेज प्रताप यादव ने दो दिग्गजों का स्वागत किया। राज्यपाल और लालू प्रसाद निकल गए, उसके बाद तेजस्वी यादव का इंतजार बेसब्री से होता रहा। लालू प्रसाद ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि वो तेज प्रताप से नाराज नहीं हैं। वह साथ रहें, स्वस्थ रहें, हमारी यही कामना है। इस बीच भाजपा के दिग्गज और राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पहुंच गए। दही-चूड़ा भोज में पहुंचे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का तेज प्रताप यादव ने स्वागत किया। उन्हें खुद से चूड़ा दही और तिलकुल परोसा। पत्रकारों से बातचीत के में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि किसी व्यक्ति से नहीं, जो सनातन धर्म से जुड़ा काम करता है, उसका हमलोग समर्थन और सम्मान करते हैं।
तेज प्रताप के आवास पर उनके मामा साधु यादव, जदयू विधायक चेतन आनंद भी पहुंचे। फिर मंत्री अशोक चौधरी और धार्मिक न्यास बोर्ड सदस्य सायन कुणाल भी पहुंचे। अशोक चौधरी ने कहा कि राजनीतिक कारण नहीं, सामाजिक संबंधों के कारण वह आए हैं।
‘यह भोज राजनीति से ऊपर है’
तेज प्रताप यादव ने कहा कि जनशक्ति दल की ओर से बिहार वासियों को मकर संक्रांति की शुभकामाना। आज आप सभी लोग दही-चूड़ा भोज आमंत्रित हैं। इस भोज में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी नेता, विधायक को निमंत्रण देने का काम किया गया है। यह भोज राजनीति से ऊपर है। हमलोग एक नया बिहार बनाने का काम करें। इस महान पर्व में सभी एकत्रित हों, राजनीति अलग जगह है लेकिन व्यक्तिगत संबंध अलग जगह है। इसलिए आप सभी लोग चूड़ा दही के भोज में आएं।