नए नंबर पर परिजन से उनकी बात हो रही थी। 9 जनवरी को पैंगोंग झील पर वीडियो कॉल पर परिजन की बात हुई। अचानक कनेक्शन कट गया। इसके बाद दो दिन संपर्क नहीं होने पर 11 जनवरी को सदर थाने में परिजन ने संपर्क किया। मंगलवार को लद्दाख की पुलिस ने चारों को पांग सरचू रोड पर विस्की नाला के पास से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। सूचना मिलते ही परिजन खुश हो गए।
हादसे की आशंका से थे परेशान
जयवीर के पिता सुरेश सिंह ने बताया कि लद्दाख में हुई भारी बर्फबारी से चोरों दोस्तों का परिवार से संपर्क टूट गया था। कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। हादसे की आशंका से सभी लोग परेशान थे। परिवार के कुछ लोग लद्दाख के लिए निकल भी गए। घर में भोजन नहीं बन रहा था। 13 जनवरी को दोपहर 3:45 बजे पुलिस का फोन आने पर आया, तब परिवार में खुशी आई। पिता ने कहा कि उन्हें भगवान पर पूरा विश्वास था। चारों दोस्त बृहस्पतिवार तक आ सकते हैं। जयवीर सबसे बड़े हैं। उनसे छोटा अजय है। बच्चों के मिलने पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। बुधवार को कलश यात्रा निकाली गई। विष्णु चैतन्य महाराज कथा व्यास हैं।
वाहन के अंदर हीटर चलाकर बिताईं दो रातें
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चारों दोस्त 9 जनवरी की शाम लगभग 5:30 बजे निजी वाहन से पैंगोंग झील से रवाना हुए थे। इसके बाद परिजन से संपर्क टूट गया। वो लेह की ओर लौटते समय गलती से मनाली मार्ग पर चले गए थे। एक स्थान पर उनका वाहन फिसल गया था। हालांकि सभी सुरक्षित रहे। लेह-मनाली राजमार्ग बंद होने से आगे नहीं बढ़ सके। उन्होंने दो रातें वाहन के अंदर हीटर का उपयोग करते हुए बिताईं। डीजल खत्म होने पर वे मदद की तलाश में करीब 15-20 किलोमीटर पैदल चले। एक झोपड़ी में शरण ली, जहां पुलिस ने उन्हें सुरक्षित खोज लिया। उधर, एसीपी सदर इमरान अहमद ने बताया कि चारों युवक मिल गए हैं। उनसे परिजन भी मिलने पहुंच गए हैं।



