Wef:वैश्विक चुनौतियों के बीच दावोस में भारत पर दुनिया ने जताया भरोसा, पांच दिन चली वार्षिक बैठक का समापन – Wef Davos Meeting Ends, India Economic Outlook, Trump India Trade Deal, Ai Risks Imf, Global Economy News


स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की पांच दिवसीय वार्षिक बैठक शुक्रवार को समाप्त हो गई। वैश्विक परिदृश्य पर जहां भू-राजनीतिक संघर्षों, संरक्षणवाद, बढ़ते कर्ज और आर्थिक सुस्ती के बादल छाए रहे, वहीं भारत ने दुनिया के सामने ‘उम्मीद की किरण’ पेश की है।

भारत का मजबूत पक्ष: निवेश और विकास

सम्मेलन में ‘भारतीय विकास की कहानी’ मजबूती से गूंजी। भारत के 10 राज्यों ने निवेश आकर्षित करने के लिए अपना पक्ष रखा और करोड़ों रुपये के निवेश समझौतों की घोषणा की। विदेशी नेताओं और मुख्य अर्थशास्त्रियों के आउटलुक ने माना कि इस साल वैश्विक आर्थिक स्थितियां कमजोर हो सकती हैं, लेकिन भारत दक्षिण एशिया में विकास का सबसे मजबूत केंद्र बना रहेग। हालांकि, इन भारी-भरकम निवेश आंकड़ों पर दबी जुबान में सवाल भी उठे। 

ट्रंप की वापसी और ‘अच्छी डील’ का वादा 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सम्मेलन में चर्चा के केंद्र में रहे। अपनी विशिष्ट शैली में उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधा, लेकिन साथ ही यूक्रेन और गाजा शांति योजनाओं पर प्रगति के संकेत भी दिए। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की और रूसी राष्ट्रपति पुतिन को युद्ध समाप्त करने का संदेश भेजा।

भारत पर भी ट्रंप का रुख नरम नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना “मित्र” बताते हुए ट्रंप ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर जल्द ही एक अच्छी डील होने का भरोसा दिलाया। कई अन्य यूरोपीय नेताओं ने भी भारत के साथ व्यापार समझौतों का जिक्र किया।

एआई की सुनामी और गिरता भरोसा 

सम्मेलन में ‘विश्वास की कमी’ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जोखिम प्रमुख चिंता के विषय रहे। एंथ्रोपिक के सीईओ ने चेतावनी दी कि अगले कुछ वर्षों में हमें ऐसे सिस्टम को नियंत्रित करने की चुनौती होगी जो इंसानों से ज्यादा स्मार्ट होंगे। वहीं, आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने एआई को लेबर मार्केट से टकराने वाली सुनामी करार दिया, जिसके लिए दुनिया अभी तैयार नहीं है। वहीं डब्ल्यूईएफ के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने समापन सत्र में कहा कि यह ‘अनिश्चितता का क्षण है, लेकिन पीछे हटने का नहीं, बल्कि जुड़ने का समय है।’ विश्व आर्थिक मंच ने अप्रैल में सऊदी अरब में ‘ग्लोबल कोलैबोरेशन एंड ग्रोथ मीटिंग’ आयोजित करने की घोषणा की है।



Source link