अचला सप्तमी के पावन अवसर पर संगम सहित गंगा-यमुना के 24 से अधिक घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। मेला प्रशासन ने अनुमान जताया है कि इस दौरान 40 से 50 लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। वसंत पंचमी पर आए लाखों श्रद्धालु अभी भी मेला क्षेत्र के शिविरों में ठहरे हुए हैं, जो अचला सप्तमी स्नान के बाद वापसी करेंगे।
श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों की बढ़ती आवाजाही से भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने शनिवार को मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाने की व्यवस्था की है। निर्धारित समय के बाद मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के वाहन के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
मेलाधिकारी ऋषिराज के अनुसार अचला सप्तमी पर महाराष्ट्र, बिहार, नेपाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि 40 से 50 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।