बीएचयू के बिरला हॉस्टल के बाहर शनिवार रात बीए तीसरे वर्ष के छात्र रोशन मिश्रा पर बाइक सवार तीन युवकों ने चार राउंड फायरिंग की। इस घटना से हॉस्टल के छात्र और कैंपस वासी सहम गए। पुलिस ने इस मामले में नामजद तीन लोगों पर हत्या के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज की है।
छात्रों ने मौके से चार खोखे बरामद कर लंका पुलिस को सौंपे। फायरिंग के बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ धक्कामुक्की भी हुई। छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए काशी जोन के सभी थानों की फोर्स बुलाई गई। एडीसीपी काशी जोन समेत पुलिस अधिकारी देर रात तक छात्रों को समझाते रहे। बवाल के कारण हॉस्टल की बिजली काट दी गई। पीड़ित छात्र रौशन मिश्रा ने लंका थाने में पांच नामजद के खिलाफ तहरीर दी है। रोशन ने बताया कि यह वारदात पूर्व निष्कासित छात्र क्षितिज उपाध्याय और अभिषेक उपाध्याय के इशारे पर हुई।
हमले की जानकारी पहले दी गई
रोशन मिश्रा ने पुलिस को बताया कि वह रात सात बजे साथी विशाल के साथ बिरला छात्रावास के गेट पर खड़ा था। तभी बाइक सवार बिहार के पीयूष तिवारी, ऋषभ राय और तपश पहुंचे और फायरिंग शुरू कर दी। जान लेने की नीयत से चार राउंड हवाई फायरिंग की गई, जिसमें एक गोली सिर के करीब से गुजरी। रौशन ने छात्रावास के अंदर भागकर अपनी जान बचाई। उसने बताया कि 1 फरवरी 2026 को ही बीएचयू प्रशासन को हमले की आशंका के बारे में सूचित किया था।
सुरक्षा में चूक और प्रदर्शन
रौशन ने वार्डेन और लंका थाने को भी असलहा वाली गाड़ी घूमने की जानकारी दी थी। हालांकि, कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए और बीएचयू ने केवल एक समिति बनाई। रोशन ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा दें, क्योंकि सारी जानकारी के बाद भी आरोपी गार्डों से बात करते थे। देर रात तक बीएचयू कैंपस छावनी में तब्दील हो गया था। एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और दस थानों की फोर्स तैनात है।