लद्दाख के कारगिल जिले में जोजिला-गुमरी मार्ग पर शुक्रवार दोपहर प्रकृति का कहर टूटा। जीरो पॉइंट और मिनीमर्ग के बीच भारी हिमस्खलन ने कई जिंदगियों को चपेट में ले लिया। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। कम से कम पांच लोग गंभीर घायल हुए हैं। बर्फ के विशाल मलबे के नीचे 7 से 8 वाहनों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

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मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी
– फोटो : अमर उजाला
पहाड़ से गिरा बर्फ का बड़ा हिस्सा
हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र लेह-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ता है। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वाहन जोजिला दर्रे से गुजर रहे थे। इसी दाैरान पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ और बर्फ का बड़ा हिस्सा तेजी से सड़क पर आ गिरा। पलक झपकते ही वाहन बर्फ के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही सेना, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), लद्दाख पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें बचाव एवं राहत कार्य के लिए मशीनों के साथ पहुंच गईं।

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मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी
– फोटो : ANI
हटाई जा रही बर्फ
खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद देर रात तक सेना और बीआरओ के जवान स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से बर्फ हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के कार्य में जुटे थे। घायलों को तत्काल निकालने के लिए बसीज इमाम खामनेई मेमोरियल ट्रस्ट (आईकेएमटी) के सदस्य और 108 एम्बुलेंस तैनात हैं।

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मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी
– फोटो : ANI
सात के मारे जाने की पुष्टि
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भूस्खलन में दबने से सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट में उन्होंने बताया कि हादसे में पांच लोग घायल हुए हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इसकी पुष्टि की है। सभी घायलों को उप-जिला अस्पताल द्रास में भर्ती कराया गया है। चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। घायलों और मृतकों में अधिकतर लेह जिले के हैं।

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भूस्खलन में फंसे लोग
– फोटो : सोशल मीडिया
बर्फ में पूरी तरह दब गए वाहन
हिमस्खलन की जो तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, उनसे हादसे की वीभत्सता नजर आती है। वाहन बर्फ में पूरी तरह दब गए हैं। वाहनों की छत से बर्फ हटाने में ही सेना और बीआरओ के जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जहां पर हादसा हुआ वहां सड़क पहाड़ी एवं दुर्गम है। घटना स्थल पर एक तरफ सीधी खड़ी पहाड़ी है तो दूसरी तरफ खाई। ऐसे में जवानों को हर कदम सावधानी से बढ़ाना पड़ रहा है।