Ai Impact Summit:जाम से मिलेगा छुटकारा, अब उड़कर पहुंचिए दफ्तर; लोगों ने देखी बिजली से चलने वाली हवाई टैक्सी – Ai Impact Summit: People See Electric Air Taxis


दफ्तर जाने की जल्दी में टैक्सी या बाइक वालें को बार-बार कॉल करके पूछने से कई बार जवाब मिलता था कि उड़कर आ जाऊं क्या…। अब यह सच होने वाला है। क्योंकि तकनीक इतनी आगे जा चुकी है कि आने वाले वक्त में आप खुद कहेंगे सड़क से नहीं, हवा में उड़कर आ रहा हूं। दरअसल, भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई समिट में इस बार ऐसी उड़न गाड़ी दिखाई गई जिसने लोगों को हैरान कर दिया। हॉल नंबर चार में भीड़ के बीच एक छोटी, हल्की और पूरी तरह बिजली से चलने वाली हवाई टैक्सी का मॉडल प्रदर्शित किया गया। कंपनी का दावा है कि यह उड़न टैक्सी शहर के जाम को खत्म कर सकती है।

सड़क से पहुंचने में जहां एक घंटा लगता है अब वहीं हवाई टैक्सी की सहायता से हवा में उड़कर गंतव्य तक पहुंचा जा सकेगा। स्टॉल पर मौजूद कंपनी की ब्रांड एवं डिजाइन एसोसिएट्स अनुष्का यादव ने बताया, कि यह हवाई टैक्सी आमतौर पर ट्रेफिक में फंसे रहने वाले एंबुलेंस की समस्या से भी निजात दिला सकता है। अनुष्का ने बताया, कि यह हवाई टैक्सी उन यात्रियों के लिए तैयार की जा रही है जो शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक तेजी से पहुंचना चाहते हैं। भविष्य में इसका उपयोग आपातकालीन सेवाओं और माल ढुलाई के लिए भी किया जा सकता है।

कैसी है यह हवाई टैक्सी?

यह छोटी आकार की ऐसी उड़न मशीन है जो सीधे ऊपर उठ सकती है और सीधी नीचे उतर सकती है। इसे खास तौर पर शहरों के अंदर छोटी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए बनाया गया है। इस हवाई गाड़ी को जमीन पर उतरने के लिए सिर्फ 8×10 मीटर का क्षेत्र की जरूरत होती है। इसलिए इसे कम स्थान में उतरने और उड़ने की क्षमता प्राप्त है। वहीं, बार-बार चार्ज किए बिना यह टैक्सी सिर्फ एक चार्ज में 110 किलोमीटर तक की उड़ान भर सकती है। इसकी गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस टैक्सी में एक बार में 1 पायलट के साथ 2 यात्री बैठ सकते हैं। यह 200 किलोग्राम तक वजन उठाने में सक्षम है।

इसके फायदे


  • किसी तरह का धुआं या प्रदूषण नहीं

  • कम जगह में उतरने और उड़ने की क्षमता

  • तेज रफ्तार सफर

  • सड़क के जाम से मुक्ति

हवाई टैक्सी की खासियत


  • जमीन पर जगह की जरूरत: 8 × 10 मीटर का क्षेत्र

  • उड़ान दूरी: 110 किलोमीटर

  • अधिकतम गति: 160 किलोमीटर प्रति घंटा

  • वहन क्षमता: 1 पायलट + 2 यात्री या 200 किलोग्राम तक वजन

किसने बनाई यह उड़न गाड़ी?


यह परियोजना भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास से जुड़ी एक कंपनी ने तैयार की है। कंपनी का लक्ष्य है कि शहरों में लोगों का सफर आसान और तेज बनाया जाए। कंपनी के पास इस तकनीक से जुड़े कई पेटेंट हैं और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से विशेष स्वीकृति भी मिल चुकी है। उड़न टैक्सी के परीक्षण और अंतिम प्रमाणन की प्रक्रिया जारी है।

क्यों है यह जरूरी?

कंपनी के वरिष्ठ कर्मचारी ने बताया, कि बढ़ते शहरों में जाम और वायु प्रदूषण बड़ी समस्या बन गए हैं। दफ्तर जाने-आने में घंटों का समय बर्बाद होता है। अगर यह उड़न टैक्सी आम लोगों तक पहुंचती है, तो समय की बचत होगी, प्रदूषण घटेगा और आपातकालीन सेवाएं तेज होंगी। शुरू में इसे प्रशिक्षित पायलट उड़ाएंगे। आगे चलकर नियमों की अनुमति मिलने पर इसे बिना पायलट के भी संचालित करने की योजना है। हालांकि यह तकनीक अभी परीक्षण चरण में है, लेकिन अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो आने वाले वर्षों में महानगरों के आसमान में छोटी-छोटी उड़न टैक्सियां दिख सकती हैं।

 



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