राष्ट्रीय जनता दल के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। पदभार ग्रहण करने के बाद तेजस्वी यादव काफी भावुक हो गए। उन्होंने इस जिम्मेदारी को एक अग्निपरीक्षा’ बताते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाना और बिहार को विकास के पथ पर आगे ले जाना है।
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लालू के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प
कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि आदरणीय लालू जी के सानिध्य और मार्गदर्शन में आज मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसके लिए मैं जनता मालिक और पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का ऋणी हूं। लालू जी ने जिस शोषित, वंचित और पीड़ित समाज को बराबरी का हक दिलाने के लिए राजद की स्थापना की थी, उन लोगों के दुख दूर करना ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
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सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि आज देश और दुनिया में तानाशाही, हिंसा और सामंतवाद चरम पर है। उन्होंने विरोधियों को ललकारते हुए कहा कि यह समय अवसरवादियों को बेनकाब करने का है। उन्होंने कहा कि सत्य जितना परेशान होना था, हो चुका है। अब सत्य की विजय का दौर शुरू होगा। हम सांप्रदायिक ताकतों के विरुद्ध मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे।
क्या लिखा तेजस्वी यादव ने
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद जी के सानिध्य, मार्गदर्शन और निर्देशानुसार आज राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सम्मानित सदस्यों ने मुझे राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना है तो इस अवसर पर मैं भावुक हूँ, अभिभूत हूँ और आप सभी का और जनता मालिक का ऋणी हूँ। इस अवसर पर राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना करने वाले हर एक संस्थापक सदस्य को बलिहारी हूँ तथा उनके त्याग, स्वाभिमान, निडर निर्भीक इरादों और कभी झुकने ना वाले साहस को याद करता हूँ।
मैं विश्वास दिलाता हूँ कि आदरणीय लालू जी ने ग़रीब, दलित, शोषित, पीड़ित, पिछड़े और वंचित समाज के जिन लोगों को बराबरी, न्याय और अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाते हुए राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना की थी, उन सभी लोगो को हर दुख से निजात दिलाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
आदरणीय लोहिया जी की नीतियों का स्मरण, जननायक कर्पूरी जी के विचारों का अनुसरण व लोकनायक जयप्रकाश जी के सिद्धांतों का अनुकरण हमेशा मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और रहेगी। संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के दिखाए रास्ते पर चलते हुए मैं राष्ट्रीय जनता दल के न्याय की अलख जगाने के मंच बनाऊँगा और क्रांतिदूत ज्योतिबा फुले जी से शिक्षा लेते हुए बिहार में ग़ैर बराबरी, अशिक्षा, बेरोजगारी और गरीबी के ख़िलाफ़ मरते दम तक लड़ाई लड़ता रहूँगा।
गांधी जी की अहिंसा, समाजवादियों की नीति, सुभाष चंद्र बोस जी का बल, चंद्रशेखर जी का प्रण, भगत सिंह जी का जोश-जज्बा और प्रतिज्ञा, अशफाक उल्ला ख़ान का देशप्रेम और सरदार वल्लभ भाई पटेल जी से अडिग इरादे रखते हुए मैं बिहार को उन्नति, प्रगति, समरसता, भाईचारा, एकता, अखण्डता और मानवीयता के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम करूँगा।
ये समय ऐसा है जब बिहार ही नहीं बल्कि देश और दुनिया में भी तानाशाही, हिंसा, साम्राज्यवाद और सामंतवाद चरम पर है। ये अग्निपरीक्षा है हम जैसे समानता और मानवता पर विश्वास रखने वाले लोगो की। लेकिन जैसा कि सर्वविदित है समय चाहे क्षणिक रूप में जिसके भी पक्ष में जाये अंत में जीत सत्य की ही होती है। इसी मंत्र को अंगीकार करते हुए हम सभी राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता देश के जनमानस को न्याय दिलाने के लिए एक साथ मिलकर, एकता की मिसाल बनकर अन्याय, हिंसा, उन्माद, शोषण, अत्याचार, तानाशाही, भेदभाव, ऊँच-नीच और गैरबराबरी जैसी हर कुरीति के ख़िलाफ़ एक होकर लड़ते रहेंगे और झूठ, छल, प्रपंच को बेनकाब करते रहेंगे।
ये देश गांधी का देश है। ये बिहार जेपी-कर्पूरी-जगदेव-लालू के आंदोलन की धरती रही है, हम सांप्रदायिक ताकतों के विरुद्ध मिलकर लड़ेंगे, मिलकर भिड़ेंगे, मिलकर जीतेंगे। बिहार, देश और दुनिया को इन अवसरवादियों के चुंगल से मुक्त करा कर ही दम लेंगे। सत्य जितना परेशान होना था हो चुका है, अब सत्य की विजय का दौर शुरू होगा।”