How Modi Practice Politics:कांग्रेस नेता ने बताया- मोदी बतौर भाजपा महासचिव भी अपने साथ छोटा कंप्यूटर रखते थे – Narendra Modi Politics Congress Leader Rajiv Shukla Memories Small Computer Habit As Bjp General Secretary


टीवी जर्नलिज्म की दुनिया छोड़कर सियासत में आने वाले एक कांग्रेस नेता ने नरेंद्र मोदी की राजनीति और उनके व्यक्तित्व को लेकर रोचक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि भाजपा महासचिव रहते समय भी मोदी छोटा कंप्यूटर अपने साथ रखते थे। उनके साथ इंटरव्यू के अनुभव का जिक्र करते हुए इस कांग्रेस नेता ने बताया, उन्हें मोदी का साक्षात्कार लेते समय नहीं लगा था कि वह मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री भी बनेंगे। पत्रकार रह चुके शुक्ला ने बताया कि वह भाजपा के महासचिव रहे नरेंद्र मोदी से दिवंगत भाजपा नेता अरुण जेटली के घर पर मिले थे और उन्होंने रूबरू कार्यक्रम के लिए उनका साक्षात्कार भी लिया था।

उन्होंने कहा, रूबरू कार्यक्रम काफी प्रसिद्ध था और मोदी इसके लिए आए थे। शायद यह टीवी पर उनका पहला अनुभव था। कांग्रेस नेता ने एक एजेंसी को दिए साक्षात्कार में बताया कि हम जेटली के घर पर मिलते थे और मैं उन्हें जानता था। मैंने इंटरव्यू के दौरान देखा कि वह अपने साथ एक छोटा कंप्यूटर लाए थे। उन्होंने कहा कि उस समय नरेंद्र मोदी एक बड़ी हस्ती थे।

नहीं लगा था कि सीएम-पीएम बनेंगे

जब उनसे पूछा गया कि क्या उस समय उन्हें लगा था कि नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बनेंगे तो शुक्ला ने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगा था। उन्होंने बताया कि मुझे ऐसा नहीं लगा। उन्होंने साक्षात्मकार में कहा था कि वह चुनावी राजनीति नहीं करना चाहते और संगठनात्मक काम करना चाहते हैं। एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अरुण जेटली उस समय संगठनात्मक काम भी करते थे और पार्टी के लिए बैकग्राउंड मैनेजमेंट में बहुत माहिर थे। उन्होंने कहा कि मोदी संगठन के आदमी थे। संगठन को कैसे बढ़ाना है, राज्यों में चुनाव कैसे जीतना है।

हालातों के चलते जाना पड़ा गुजरात

शुक्ला ने बताया कि नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उन्हें चुनावी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन जो हालात बने, उनकी वजह से उन्हें गुजरात जाना पड़ा। वहां से उनका रास्ता खुला और वह यहां बैठे हैं। नरेंद्र मोदी ने 1995 से भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के तौर पर काम किया और हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश में पार्टी की गतिविधियों को संभाला। भाजपा के महासचिव संगठन के तौर पर उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया कि भाजपा 1998 का लोकसभा चुनाव जीते। यह सितंबर 2001 की बात है, जब उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का फोन आया और इसने उनकी जिंदगी में एक नया अध्याय शुरू किया और उन्हें संगठन की राजनीति की उठापटक से निकालकर शासन की दुनिया में ले गया। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने 13 साल के कार्यकाल में नरेंद्र मोदी ने लोगों के लिए कई पहल कीं और गुड गवर्नेंस पर जोर दिया। उन्होंने 26 मई, 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। प्रौद्योगिकी की अच्छी समझ रखने वाले प्रधानमंत्री के तौर पर जाने जाने वाले पीएम मोदी ने आम लोगों के लिए जीवन को आसान बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर दिया है।

गांधी परिवार ने कभी मना नहीं किया

जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा नेताओं से उनकी मुलाकात से कांग्रेस पार्टी को कोई दिक्कत है, तो शुक्ला ने बताया कि गांधी परिवार या कांग्रेस पार्टी ने उन्हें कभी भी रिश्ते बनाए रखने से मना नहीं किया है। कांग्रेस पार्टी में बहुत आजादी है। शुक्ला राज्यसभा सांसद, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं। वह केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और आईपीएल के चेयरमैन भी रह चुके हैं।



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