इरफान का पुराना वीडियो
दरअसल, इरफान का जो पुराना वीडियो वायरल हुआ, वह लगभग पांच साल पुराना है। एक स्पोर्ट्स चैनल से बात करते हुए उन्होंने एक सीरीज के दौरान अपनी भूमिका और कप्तान धोनी के साथ बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने 2012 में टीम से बाहर होने के लिए धोनी का नाम लिए बिना उन्हें जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था, ‘मुझे किसी के कमरे में हुक्का लगाने या बेवजह बातें करने की आदत नहीं है। सब जानते हैं। कई बार चुप रहना बेहतर होता है। मेरा काम मैदान पर प्रदर्शन करना था और मैंने वही किया।’
सोशल मीडिया पर जुड़ा धोनी से मामला
इस बयान के ‘हुक्का’ हिस्से को सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सीधे धोनी से जोड़ दिया और यह बात चर्चा में आ गई कि धोनी खिलाड़ियों के सात हुक्का पीते थे। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और चर्चा का विषय बन गया। पठान ने 2012 में आखिरी बार भारत के लिए खेला था। उस मैच में उन्होंने पांच विकेट भी लिए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। लंबे समय से यह सवाल उठता रहा है कि आखिर उन्हें बाहर क्यों किया गया।
योगराज सिंह का बड़ा बयान
अब पूर्व क्रिकेटर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने इस पूरे विवाद पर बड़ा बयान दिया है। योगराज ने एक स्पोर्ट्स वेबसाइट से बातचीत में कहा, ‘यह सिर्फ इरफान पठान की बात नहीं है। गंभीर ने बोला, सहवाग ने कहा, हरभजन ने भी कहा कि उन्हें मक्खी की तरह टीम से मसल दिया गया। इस पर एक ज्यूरी बैठनी चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ। धोनी जवाब नहीं देना चाहते और जो जवाब नहीं देना चाहता, उसकी आत्मा दोषी होती है।’
पूर्व कप्तानों पर भी साधा निशाना
योगराज सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने पूर्व कप्तानों कपिल देव और बिशन सिंह बेदी को भी कटघरे में खड़ा किया। योगराज ने कहा, ‘मैं उन लोगों के बारे में बोल सकता हूं जिनके साथ रहा हूं। बिशन सिंह बेदी, कपिल देव और अब एमएस धोनी। इन्होंने खिलाड़ियों के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। जो गलत है, वो गलत है। दो गलत मिलकर कभी सही नहीं हो सकते। खुलकर कहता हूं कि हमारे कप्तानों ने हमारी टीम और खिलाड़ियों को बर्बाद किया।’



