नेपाल के मधेश प्रदेश के सीमावर्ती रौतहट जिले के गौर नगरपालिका क्षेत्र में मस्जिद के सामने से बारात निकालने पर दंगा हो गया। दो समुदायों में झड़प के बाद आगजनी की घटनाएं शुरू हो गईं। पथराव और मारपीट में दो पुलिसकर्मी समेत आठ लोग घायल हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार दोपहर से अनिश्चित काल के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। इसके बाजवूद गौर के भीतरी इलाकों में तनाव बना हुआ है। आगजनी की घटनाएं पूरी तरह नहीं रुक सकी हैं।
प्रशासन के अनुसार, गौर नगरपालिका-6 स्थित सनगढ़ा गांव में बृहस्पतिवार शाम को मस्जिद में नमाज पढ़ी जा रही थी। इसी दौरान मस्जिद के सामने से बारात निकली, जिसमें बाजे बज रहे थे। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बाजा बजाए जाने पर आपत्ति जताई और बारात को रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई। इस दौरान किसी ने एक वाहन में आग लगा दी। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सैकड़ों दंगा पुलिस को इलाके में तैनात कर दिया।
शुक्रवार को दिन भर तनाव कायम रहा लेकिन शाम को दोनों पक्षों के बीच छह सूत्री समझौता हुआ। हालांकि, शनिवार सुबह नौ बजे दोनों पक्षों में फिर से पथराव शुरू हो गया। इसका असर गौर के वार्ड संख्या 4, 5 और 6 में भी देखा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हवा में गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे। हालात पर काबू पाने के लिए प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा।
इलाके में सेना तैनात लेकिन तनाव बरकरार
उपद्रवियों ने कई वाहनों में आग लगा दी और घरों में भी तोड़फोड़ की। पुलिस के अनुसार, छह मोटरसाइकिल और दो जीप जलाने की रिपोर्ट सामने आई है। गौर नगरपालिका-4 के मचकुटिया टोल में एक स्कूटर को भी आग के हवाले कर दिया गया। कर्फ्यू लगाने, नेपाली पुलिस और नेपाली सेना की तैनाती के बाद गौर का मुख्य सड़क क्षेत्र अपेक्षाकृत शांत है लेकिन भीतरी इलाकों में अब भी तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं।
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जिला प्रशासन कार्यालय के अनुसार, शनिवार दोपहर एक बजे से कर्फ्यू अगले आदेश तक के लिए लागू किया गया है। प्रमुख जिला अधिकारी दिनेश सागर भूसाल ने बताया कि पूर्व में मुडबलवा गेट, पश्चिम में लालबकैया बांध, उत्तर में बम नहर और दक्षिण में गौर भंसार कार्यालय तक कर्फ्यू प्रभावी है।
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