साल 2020-23 के बीच पूरी दुनिया को लगभग रोक देने वाला कोरोनावायरस अब एक नए वैरिएंट के साथ फिर से एक्टिव होता दिख रहा है। 28 मार्च को अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने नए वैरिएंट BA.3.2 के बारे में जानकारी दी थी, जिसे वैज्ञानिकों ने सिकाडा नाम दिया है। प्रारंभिक अध्ययनों में पाया गया कि ये वैरिएंट तेजी से फैल सकता है और उन लोगों को भी संक्रमित करने की क्षमता वाला हो सकता है जो पहले के संक्रमण और वैक्सीन से इम्युनिटी बना चुके थे।
अब हालिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि देखते ही देखते ये वायरस यूके सहित 23 देशों में फैल चुका है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में फिलाहाल ये तो स्पष्ट नहीं किया गया है कि इससे कितने लोग संक्रमित हुए हैं पर विशेषज्ञों की टीम लगातार इसे चिंताजनक मानते हुए लोगों को अलर्ट कर रही है।
अगर आसान भाषा में समझें तो वायरस वही है, लेकिन इसका व्यवहार थोड़ा बदल गया है। इसके खतरे को देखते हुए वैज्ञानिकों की टीम फिर से कमजोर इम्युनिटी वालों को वैक्सीन लगाने की सलाह दे रही है।
क्या कोरोना का ये नया वैरिएंट एक नई लहर का कारण बनने वाला है? फिर से मास्क और वैक्सीनेशन की जरूरत पड़ने जा रही है, आइए इसे विस्तार से समझते हैं?