श्रीलंका में मुख्य विपक्षी पार्टी समगी जना बेलावेगया (एसजेबी) के राजनेता और विपक्ष के नेता सजिथ प्रेमदासा ने भारत के नेतृत्व को लेकर बात की है। एक इंटरव्यू में प्रेमदासा ने कहा है कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने और पूरे दक्षिण एशिया में लंबे समय तक शांति बनाए रखने के लिए भारत का नेतृत्व आवश्यक है। कोलंबो से दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में प्रेमदासा ने कहा कि भारत और श्रीलंका के राष्ट्रीय हित आपस में पूरी तरह मेल खाते हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान, समझ और रचनात्मक सहयोग की मजबूत नींव बनती है।
भारत को बताया एक वैश्विक महाशक्ति
भारत को एक वैश्विक महाशक्ति बताते हुए प्रेमदासा ने कहा कि इस वास्तविकता को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करते हुए कहा कि यह वर्तमान वैश्विक शक्ति संतुलन को सही रूप में दर्शाएगा।
प्रेमदासा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि आर्थिक संकट के समय भारत ने श्रीलंका की जनता को ठोस सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत भारत–श्रीलंका संबंधों से श्रीलंका को आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य और विकास से जुड़ी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली है।
ये भी पढ़ें: Zohran Mamdani: ‘हम आपके बारे में सोच रहे हैं’, न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को भेजी चिट्ठी
बांग्लादेश के हालातों पर की चर्चा
साक्षात्कार के दौरान प्रेमदासा ने कहा कि क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा को बढ़ावा देने में भारत का नेतृत्व बेहद जरूरी है। वहीं दक्षिण एशिया के हालात पर बात करते हुए उन्होंने बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता को बेहद अहम बताया, खासकर आगामी चुनावों के संदर्भ में। उन्होंने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होंगे, जिससे वहां की जनता की आकांक्षाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए सामने आएंगी।
इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस द्वारा दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) को पुनर्जीवित करने के आह्वान का भी समर्थन किया। प्रेमदासा ने कहा कि SAARC जैसे बहुपक्षीय मंच आज भी शांति, संवाद और साझा समृद्धि के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास सामाजिक लोकतांत्रिक मूल्यों- जैसे न्याय, समानता और निष्पक्षता पर आधारित होना चाहिए और एक सक्रिय SAARC दक्षिण एशिया में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता में अहम भूमिका निभा सकता है।
ये भी पढ़ें: Canada: बर्फीले तूफान के बीच भारतवंशी ड्राइवर बना ‘देवदूत’, इस तरह बचाई गर्भवती की जान, जमकर हो रही तारीफ
गौरतलब है कि मुहम्मद यूनुस ने पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर ढाका में आयोजित अंतिम संस्कार के दौरान SAARC को फिर से सक्रिय करने की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि SAARC की भावना आज भी जीवित है।
अन्य वीडियो