परसा गांव में सोमवार को हुई दोहरे हत्याकांड में मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद सास और बहू दोनों के हेतिमपुर घाट पर एक ही चिता पर शव जलाए गए। जिस बहू प्रियंका को बचाने के चक्कर में सास रूना भी बेरहमी से बेटे ने हत्या की।
बहू की चिता पर सास का भी अंतिम संस्कार
मरने के बाद उसी बहू की चिता पर सास का भी अंतिम संस्कार हुआ। सिंकदर की पत्नी प्रियंका और मां रूना को अपनों से अग्नि तक मयस्सर नहीं हुई। हर कोई यह दृश्य देखकर नम आंखों से विधाता के इस होनी पर कोस रहा था, जिस बेटे के खातिर मां दर-दर भटककर मन्नतें मांगी थी। उसी बेटे के हाथों ऐसी मौत सुनकर लोग भी हैरान हैं।
घाट पर आरोपी सिंकदर के ससुराल और रिश्तेदारों का कहना था कि प्रियंका ने जिसके साथ सात जन्मों का सफर देखा था उसके हाथों से ही बेरहमी से मारी जाएगी, ऐसा किसी ने नहीं सोचा था। हेतिमपुर घाट पर मौजूद हर आंखें नम थीं रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था।
‘खूनी भाई का नाम मत लो आप लोग’
वहीं घटना के बाद से घर में ताला बंद हैं, पांचों बहनें पड़ोसी के घर रात गुजार रही हैं। मंगलवार को गांव की कुछ महिलाएं पहुंचीं और ढांढस बंधा रही थीं, इस दौरान किसी ने सिकंदर का नाम लिया। इस पर आंखों में आंसू लिए बहन चीख उठी और बोली कि खूनी भाई का नाम मत लो आप लोग, उसके चेहरा देखना तो नाम से भी नफरत हो गई है। घाट पर मौजूद सिकंदर के बहनोई आद्या गुप्ता ने बताया कि हम लोगों का तो सबकुछ खत्म हो गया।



