व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को शांति बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में 20 सदस्य देशों की ओर से गाजा के लिए पांच अरब डॉलर के अनुदान की घोषणा की जाएगी।
लेविट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शांति बोर्ड की बैठक में इस्राइल और हमास के बीच युद्ध के बाद गाजा में सुरक्षा बनाए रखने पर फोकस किया जाएगा। प्रेस सचिव ने बताया, कल ट्रंप, डोनाल्ड जे. ट्रंप इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में तीन बजे शांति बोर्ड की बैठक की मेजबानी करेंगे। (शांति बोर्ड के) सदस्य देशों ने गाजा में मानवीय और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए पांच अरब डॉलर देने का वादा है, इसमें उसकी घोषणा की जाएगी। इसके अलावा हजारों कर्मियों को अंतरराष्ट्रीय बल में तैनात करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई है, ताकि गाजा में सुरक्षा और शांति बनी रहे।
उन्होंने कहा, राष्ट्रपति अपनी टिप्पणियों के साथ बैठक की शुरुआत करेंगे और औपचारिक रूप से इसकी अध्यक्षता करेंगे। कल सुरक्षा बनाए रखने और समृद्धि पाने के तरीकों पर चर्चा भी होगी।
जब बोर्ड की वित्तीय फैसलों की प्रक्रिया के बारे में पूछा गया, तो लेविट ने कहा कि निर्णय शांति बोर्ड ही लेगा, जिसमें अध्यक्ष राष्ट्रपति हैं। सभी सदस्य फंडिंग को लेकर मतदान करेंगे और इसके बाद बोर्ड के तहत तकनीकी स्तर पर काम होगा।
रविवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि नवगठित शांति बोर्ड के सदस्य देशों ने गाजा में मानवीय और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए पांच अरब डॉलर से अधिक देने का वादा किया है। ट्रंप ने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, 19 फरवरी 2026 को मैं फिर से शांति बोर्ड के सदस्यों के साथ डोनाल्ड जे. ट्रंप इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में मिलूंगा। इस दौरान हम सदस्य देशों की ओर से गाजा में मानवीय और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए पांच अरब डॉलर से अधिक के योगदान की घोषणा करेंगे।
उन्होंने कहा कि सदस्य देशों ने ‘सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय बल और स्थानीय पुलिस में हजारों कर्मियों को तैनात करने’ का वादा किया है। उन्होंने कहा कि हमास को तुरंत और पूरी तरह से निशस्त्रीकरण का पालन करना चाहिए।
ट्रंप ने जनवरी में दावोस में शांति बोर्ड का गठन किया था। इसे शुरू में गाजा में युद्ध के बाद की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए बनाया गया था। हालांकि, इसके अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है, जिसमें वैश्विक शांति को बढ़ावा देना भी शामिल है। चार्टर की कुछ शर्तों ने कई यूरोपीय देशों में चिंताएं पैदा की हैं। इसमें ट्रंप को अनिश्चितकाल तक अध्यक्ष बने रहने की अनुमति दी गई है।