पिछले साल नवंबर महीने में अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन खत्म हुआ था, लेकिन इसके कुछ महीने बाद एक बार फिर से अमेरिका में शटडाउन शुरू हो गया है। अब फिर से 31 जनवरी को अमेरिका एक और आंशिक बंदी शुरू हो गई, क्योंकि सांसद 30 जनवरी की समय सीमा तक फंडिंग बिल पारित करने में विफल हो गए। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि बजट आवंटन में यह रुकावट कितने समय तक चलेगी। लेकिन सीनेट में डेमोक्रेट, रिपब्लिकन और व्हाइट हाउस के बीच हाल के दिनों में बनी गति को देखते हुए, इसके पिछली बार की तरह लंबे समय तक खिंचने की संभावना नहीं है।
यह भी पढ़ें – Epstein Files: इस्राइल के दबाव में थे डोनाल्ड ट्रंप? एपस्टीन फाइल के दावों ने मचाई सनसनी; इस शख्स का बताया दखल
मिनियापोलिस गोलीकांड के बाद विवादों के घेरे में DHS और ICE
सीनेट ने शुक्रवार शाम को एक व्यय विधेयक पारित किया, जो गृह सुरक्षा विभाग (जो आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन और सीमा गश्ती की देखरेख करता है) के लिए व्यय को दो सप्ताह के लिए बढ़ाता है, जबकि सांसद आईसीई सुधारों पर बातचीत करते हैं, और सितंबर तक अन्य सरकारी एजेंसियों को धन उपलब्ध कराता है। मिनियापोलिस में संघीय आव्रजन एजेंटों द्वारा रेनी गुड और एलेक्स प्रेटी की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद से डीएचएस और आईसीई विवादों में घिरे हुए हैं। हाल के दिनों में डेमोक्रेट्स ने आव्रजन प्रवर्तन में बदलाव की मांग की है, जिससे कामकाज ठप होने का खतरा पैदा हो गया है।
सदन में अब सोमवार को मतदान होने की संभावना
अब यह विधेयक प्रतिनिधि सभा में जाएगा, जो फिलहाल अवकाश पर है। रिपब्लिकन प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने कहा कि सोमवार को ही सदन में मतदान होने की संभावना है। बता दें कि यह पूर्ण बंद नहीं, केवल आंशिक रूप से बंद है, कुछ एजेंसियों का काम चलता रहेगा, कुछ सरकारी सेवाएं फिलहाल बंद रहेंगी।
क्या है विवाद की असल वजह?
सबसे बड़ा विवाद अमेरिकी गृह विभाग (डीएचएस) और उसके तहत आने वाले एजेंसियां- जैसे आईसीई (आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन) और बॉर्डर पेट्रोल को लेकर है। डेमोक्रेट सांसद इस बात पर नाराज हैं कि मिनियापोलिस शहर में दो नागरिकों को संघीय एजेंटों ने गोली मारकर मार दिया। इस कारण डेमोक्रेट चाहते हैं कि डीएचएस और आईसीई पर कठोर सुधार, जवाबदेही और निगरानी लागू की जाएं- तभी वे फंड देने पर सहमत होंगे।
क्या यही विवाद बंद होने का कारण बना?
डेमोक्रेट्स ने कहा कि वे डीएचएस के लिए फंडिंग बिना सुधारों के नहीं देंगे। इस पर सीनेट और व्हाइट हाउस ने एक समझौता किया, जिसमें डीएचएस को केवल दो हफ्तों तक के लिए फंड दिया गया है ताकि सुधारों पर बातचीत जारी रहे, लेकिन इससे भी तत्काल फंडिंग मंजूर नहीं हो पाई।
यह भी पढ़ें – Pakistan: बार-बार हाथ फैलाने से शर्मसार शहबाज, पाकिस्तानी पीएम बोले- कर्ज मिला, लेकिन आत्मसम्मान को पहुंची ठेस
बंद का असर क्या होगा?
सरकारी सेवाओं में रुकावट के कारण कुछ विभागों की सेवाएं थम सकती हैं। सरकारी कर्मचारी अंशतः छुट्टी पर, कुछ कर्मचारियों को बिना वेतन के घर भेजा जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियां कुछ हद तक काम जारी रख सकती हैं। लेकिन यह बंद पिछली बार जैसा नहीं रहने की उम्मीद है- क्योंकि सीनेट का समझौता जल्द ही प्रतिनिधि सभा के वोट के लिए लौटेगा।
अन्य वीडियो