West Asia:’फारस की खाड़ी में फंसे हैं 28 भारतीय जहाज’, मंत्रालय ने बताया संघर्ष में कितना नागरिक हुए हताहत – West Asia Conflict Mea Control Room Randhir Jaiswal Statement Indians Safety Gulf Region Indian Embassy


पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब भारतीय नागरिकों पर भी दिखने लगा है। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में दो भारतीय नागरिकों की जान चली गई है। एक अन्य भारतीय नागरिक अभी भी लापता है। ये लोग उन जहाजों पर काम कर रहे थे जिन्हें संघर्ष के दौरान निशाना बनाया गया।

शिपिंग मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि फारस की खाड़ी में इस समय 28 भारतीय व्यापारिक जहाज मौजूद हैं। भारत सरकार इन जहाजों और वहां रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रख रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन मौतों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सरकार खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सरकार प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद कर रही है। मंत्रालय ने भारतीयों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए एक खास कंट्रोल रूम बनाया है। यह कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहा है। यहां सुरक्षा को लेकर लगातार फोन आ रहे हैं और अधिकारी लोगों को जरूरी सलाह दे रहे हैं।

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खाड़ी देशों में भी कुछ भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। दुबई में घायल हुए एक भारतीय नागरिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भारतीय दूतावास इन सभी लोगों के साथ लगातार संपर्क में है। सरकार उनकी सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।

यह संकट होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सबसे ज्यादा बढ़ गया है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से वैश्विक तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। हाल के दिनों में यहां कई व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों पर हमले हुए हैं। बुधवार को भी इस इलाके में तीन जहाजों पर गोले दागे गए। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने इस समुद्री रास्ते को असुरक्षित बना दिया है।

सुरक्षा कारणों से कई शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों को रोक दिया है या उनका रास्ता बदल दिया है। सैकड़ों टैंकरों को समुद्र में ही लंगर डालने पर मजबूर होना पड़ा है। इन हमलों ने दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है।

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