West Bengal:बंगाल में Sir विवाद के बीच अमर्त्य सेन को मिली राहत, संशोधित मतदाता सूची में शामिल किया गया नाम – West Bengal Amartya Sen Gets Relief Amid Sir Controversy Name Included In Revised Voter List


पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में गर्माहट तेज है। इसका एक कारण चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों की तेज होती तैयारी है। दो दूसरा बड़ा कारण राज्य में चल रहा मतदाता सूची का विशेष गहण पुनरीक्षण (एसआईआर) है। इसी बीच अब खबर सामने आ रही है कि प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन का नाम पश्चिम बंगाल की संशोधित मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को इसकी पुष्टि की।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में पिछले साल नवंबर से मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रक्रिया के तहत प्रोफेसर अमर्त्य सेन के शांतिनिकेतन स्थित घर पर सुनवाई का नोटिस भेजा गया था। इस नोटिस के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक जगत में काफी चर्चा और विवाद हुआ था। जब चुनाव आयोग के अधिकारी सुनवाई के लिए शांतिनिकेतन स्थित उनके घर पहुंचे, उस समय अमर्त्य सेन विदेश में थे। इस दौरान उनके परिवार की ओर से जरूरी दस्तावेज अधिकारियों को सौंपे गए।

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कौन-कौन से दस्तावेज दिए गए?

सुनवाई के दौरान अधिकारियों को दस्तावेज दिए गए, उनमें शामिल है।



  • साल 2002 की मतदाता सूची की प्रति




  • अमर्त्य सेन का पासपोर्ट




  • आधार कार्ड




  • उनकी माता अमिता सेन का मृत्यु प्रमाण पत्र



इन दस्तावेजों की जांच के बाद चुनाव आयोग ने उनका नाम अंतिम सूची में शामिल कर लिया। हालांकि, सूची में उनकी स्थिति ‘अनिवासी भारतीय’ (एनआरआई) के रूप में दर्ज की गई है।

परिवार में थी चिंता

वहीं परिवार के एक करीबी मित्र के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद से परिवार में यह चिंता बनी हुई थी कि कहीं उनका नाम मतदाता सूची से हटा न दिया जाए। जरूरी कागज जमा करने के बावजूद अनिश्चितता बनी हुई थी। लेकिन जब अंतिम एसआईआर सूची प्रकाशित हुई और उसमें अमर्त्य सेन का नाम शामिल मिला, तो परिवार और करीबी लोगों ने राहत की सांस ली। परिवार के मित्र ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया से अनावश्यक चिंता पैदा हुई थी।

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राज्य में कितने नाम हटे?

गौरतलब है कि चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने के बाद पश्चिम बंगाल में लगभग 63.66 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का करीब 8.3 प्रतिशत है। अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई है। इस तरह, सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद नोबेल विजेता अमर्त्य सेन का नाम पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची में बरकरार रखा गया है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों को बड़ी राहत मिली है।

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